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27 Feb 2019

चलो आज ये वादा करते है

चलो आज ये वादा करते है 
तुम मुझसे कोई सवाल नहीं करोगे 
मैं तुम्हे कोई जवाब नहीं दूंगी 
आज फिर से अजनबी बनने का ये नाटक करते है 

चलो आज ये वादा  करते है 
तुम मुझे भूल जाओगे 
मैं तुम्हे कभी याद नहीं करुँगी 
आज फिर से बेदिल होने का स्वाँग करते है 

चलो आज ये वादा करते है 
तुम हो ही नहीं इस दुनिया मैं 
मैं गुम हो गयी हूँ किसी और जहाँ मैं 
आज फिर से लुका छुपी का खेल खेलते है 

चलो आज ये वादा करते है 
नहीं मुहब्बत तुम्हे मुझसे 
नहीं शिकवा मुझे कोई तुमसे 
आज फिर से एक दूसरे के वजूद पर शक करते है 

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24 Feb 2019

आज फिर खोली ये ब्लॉग्गिंग की दुकान मैंने

शायद दिल फिर से टुटा है, शायद कोई अपना आज फिर से छूटा है
बहुत दिनों बाद खोली ये ब्लॉग्गिंग की दुकान मैंने
शायद अनजाने ही सही, आज ये दिल फिर से टुटा है

अनजान मुहब्बत से मुहब्बत करके दिल मेरा ये फिर से रोया है
नाकाम मुहब्बत की कामयाबी का सपना आज फिर टुटा है
शायद अनजाने ही सही, आज ये दिल फिर से टुटा है

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शिकवा किस से करे, शिकायत किस से
गवाह भी वो, मुज़रिम भी वो और मुंसिफ भी वो 
चलो आज फिर सजा खुद को सुना देते है
एक बार और ही सही आज फिर हम इस कटघरे में खड़े हो जाते है

गलतियां कुछ मैंने की और कुछ उसने, शायद सफरनामा कुछ गलतियों का है
दोष किसे दे ये सवाल तो बस सबूतों का है
उसने वो देखा जो उसे सही लगा मैंने वो जो मुझे
मांझरा तो बस नज़र के धोके का है

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मेहँदी के रंग जैसी थी तुम्हारी मुहब्बत, रंग लाल तो बहुत हुआ
चार दिन हुए थे रंग को निखरे, अब तो मेहँदी के ये बचे हुए छींटे भी हाथो को बदसूरत बना रहे है
चलो आ गया वो दिन भी अब छींटों पर भी बदसूरती का इलज़ाम नहीं लगा सकते
तेरी मुहब्बत की मेहँदी अब पूरी तरह उतर चुकी है




                                                          Image Credit





2 May 2015

कुछ अधूरा, अनकहा सा.......

तेरे अक्स से मोहब्बत हुई मुझे, ये मेरी खता है 
तुझसे ज़िन्दगी की अधूरी आस टूटी 
ये मेरा  मुक्क़दर है 
तुझसे दिल जुदा  ना हो सका कभी, इसमें तेरी नहीं मेरी खता है.


तेरा सुरूर छाया था उस वक़्त, जब दिल को कभी  ज़रूरत थी,
तेरा नशा था तब, मदिरालय से प्रेम था जब. 
अब  नशा छूटा है, और ये  दिल टुटा है 
टूटे हुए तारे की तरह, मेरा वजूद आज फिर से रोया है.


तुझसे मोहब्बत  की बेपनाह शायद इस घमंडी दिल को रास  ना आया.
सजदा किआ उस  वक़्त, जब तेरा साया पास न रहा 
अब ना तेरा साया है, न मेरे  प्यार की परच्छाई मुझ पर. 
अब तो हर वक़्त धुंदले बादलों में से एक आस की ख़्वाहिश है, 

मत हस मुझ पर क्यूंकि ये मेरी नहीं, आज तेरे  प्यार की नुमाइश है. 

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